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भारतीय संविधान सभा का निर्माण Indian Constituent Assembly

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भारतीय संविधान सभा का निर्माण Indian Constituent Assembly

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Table of Contents [show]

Indian Constituent Assembly

एटली की घोषणा Atlee announcement

  • द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एटली बने। यह लेबर पार्टी के नेता थे।
  • द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ब्रिटेन को लगता था कि वह भारत को ज्यादा दिनों गुलाम नहीं रख सकेगा। इसलिए उन्होंने भारत को जल्द ही स्वतंत्र करने की घोषणा की।
  • 20 फ़रवरी 1947 को ब्रिटेन की संसद हाउस ऑफ कॉमन्स में एटली ने घोषणा की कि ”अब हम भारत पर ज्यादा समय तक राज नहीं कर सकते। क्योंकि हमारे पास इतने सैनिक नहीं है कि हम उन्हें भारत में रखा सके। 30 जून 1947 को भारत में अंग्रेजी शासन समाप्त हो जाएगा और भारत की बागडोर उत्तरदायी हाथों में सौंप दी जायेगी।”

संविधान सभा की मांग Constituent Assembly demands

  • भारत में संविधान सभा के गठन का पहली बार विचार एम एन राय ने 1934 में रखा था। एम एन राय मार्क्सवादी नेता थे। उन्हें भारत में मार्क्स वादी विचार धारा का प्रवर्तक माना जाता है।
  • 1938 में जवाहर लाल नेहरू ने कहा कि संविधान सभा का निर्माण वयस्क मत अधिकार द्वारा होगा और यही सभा स्वतंत्र भारत के संविधान का निर्माण करेगी। इस मांग को इतिहास में 1940 के अगस्त प्रस्ताव के नाम से जाना जाता है। 
  • 1942 में ब्रिटिश सरकार ने एक प्रतिनिधि मंडल भारत भेजा। यह प्रतिनिधि मंडल ब्रिटेन के कैबिनेट सदस्य स्टैफोर्ड क्रिप्स के नेतृत्व में भेजा गया। इसे इतिहास में क्रिप्स मिशन कहा गया।
  • क्रिप्स मिशन की मांगों को भारत के राष्ट्रवादी नेताओं ने अस्वीकार कर दिया। इसका छुपा हुआ एजेंडा भारत की सीधी साधी जनता का द्वितीय विश्वयुद्ध में सहयोग प्राप्त करना था। 
  • 1945 में द्वितीय विश्व युद्ध के समाप्त होने के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एटली ने 1946 में एक ओर प्रतिनिधि मंडल भारत भेजा। जिसे कैबिनेट मिशन कहा गया।
  • इस प्रतिनिधि मंडल में ब्रिटेन के तीन कैबिनेट सदस्य पैथिंक लारेस, स्टैफोर्ड  क्रिप्स और एवी एलेक्जेंडर थे।
  • इसने भारत में संविधान निर्माण के लिए एक मुख्य संविधान समिति बनाने का निर्णय लिया। जिसे संविधान सभा कहा गया।
  • इसका मुख्य उद्देश्य भारत में एक संविधान सभा का निर्माण करना और एक अस्थाई सरकार का गठन करना था।

कैबिनेट मिशन की मुख्य बातें Cabinet’s points

  • भारतीय संघ का निर्माण ब्रिटिश भारत और देशी रजवाड़ों से किया जाएगा। विदेशी, रक्षा और संचार व्यवस्था जैसे मुख्य मामले संघ के अधीन होंगे। 
  • संघ की एक कार्यपालिका और एक विधानमंडल होगा। जिसका गठन ब्रिटिश प्रांतों व देशी रजवाड़ों के प्रतिनिधियों से मिलकर किया जाएगा।
  • एक अंतरिम सरकार का गठन किया जाएगा। जिसके सभी विषय सरकार के हाथों में होंगे।

Indian Constituent Assembly

संविधान सभा Constituent Assembly

  • संविधान सभा के कुल सदस्यों की संख्या 389 निर्धारित की गई। 389 सीटो में से 296 सीटे ब्रिटिश भारत को और बाकी शेष 93 सीटे देसी रजवाड़ों में बांट दी गई।
  • राजवाड़ों के प्रमुख को अधिकार था कि वह अपने सदस्य का चुनाव अपने विवेक से कर सकते हैं।
  • प्रांत और राजवाड़ों में सीटों का आवंटन इस प्रकार किया गया कि 10 लाख लोगों पर एक सीट थी। सीटों को तीन प्रमुख समुदायों में बांट दिया गया हिन्दू, मुस्लिम, सिख और सामान्य।  
  • ब्रिटिश भारत को दी गई 296 सीटों में से 292 सीटों का चुनाव 11 गवर्नर प्रांतों से किया गया। शेष 4 सीटों का चुनाव मुख्य आयुक्त प्रांत से।
  • 296 सीटों को समुदाय में इस प्रकार बांटा गया सामान्य 213, मुस्लिम 79 व सिख के हिस्से में 4 सीटें आई।
  • संविधान सभा के सदस्यों का चुनाव भारत के राज्यों की सभाओं के निर्वाचित सदस्य द्वारा किया गया। 
  • जुलाई-अगस्त 1946 में संविधान सभा का चुनाव हुआ। इस चुनाव में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस एक प्रमुख दल बनकर उभरा। कांग्रेस ने 296 सीटों में से 208 सीटें।
  • मुस्लिमों का प्रतिनिधि करने वाली मुस्लिम लीग ने 73 सीटें जीती। अन्य छोटे दलों ने 15 सीटें।    
  • 3 जून 1946 में मांउटबेटन योजना के बाद 389 सीटों में से 299 सीटें ही रह गई। इसमें 229 ब्रिटिश भारत के पास और 70 सीटें देशी रजवाड़ों पास रह गई।
  • बाकी 90 सीटें पाकिस्तान को दी गई
  • देशी रजवाड़ों को दी गई 93 सीटें नहीं भर पाई। क्योंकि उन्होंने संविधान सभा के चुनाव में हिस्सा नहीं लिया था। परंतु 3 जून 1947 को माउंटबेटन योजना लागू हो जाने के बाद सभी देशी रजवाड़े संविधान सभा में शामिल हो गए।

अंतरिम सरकार का गठन Formation of Interim Government

  • 2 सितम्बर 1946 को नवनिर्वाचित संविधान सभा ने भारत में एक अंतरिम सरकार का गठन किया।
  • वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन इसके अध्य्यक्ष और जवाहर लाल नेहरू उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए। 15 अगस्त 1947 तक संविधान सभा अस्तित्व में रही।
  • सरकार के कुल सदस्य नेहरू सहित 12 थे। 26 अक्टूबर 1946 को अन्तरिम सरकार के पुनर्गठन पर मुस्लिम लीग के नामित 5 सदस्य सरकार में शामिल हो गए। इससे सदस्यों की संख्या 17 हो गई।
  • बाद में शरत बोस, सैय्यद अली जहीर और सफात अहमद खान ने त्यागपत्र दे दिया। इससे सदस्यों की कुल संख्या 14 रह गई थी। 

अंतरिम सरकार के मंत्री और उनके विभाग Interim Government Ministers and their departments

  • जवाहर लाल नेहरू उपाध्यक्ष, राष्ट्रमंडल और विदेशी मंत्रालय
  • सरदार वल्लभ भाई पटेल गृह, सूचना व प्रसारण मंत्रालय
  • डॉ राजेंद्र प्रसाद खाद एवं कृषि मंत्रालय
  • आसफ अली रेलवे एवं परिवहन मंत्रालय
  • जगजीवन राम श्रम मंत्रालय 
  • लियाकत अली खान वित्त मंत्रालय 
  • सी राजगोपालचारी शिक्षा, कला मंत्रालय
  • सीएच भाभा खान व ऊर्जा मंत्रालय
  • अब्दुल रब निशार डाक एवं वायु मंत्रालय 
  • सरदार बलदेव सिंह रक्षा मंत्रालय 
  • गजनर अली खान स्वास्थ्य मंत्रालय 
  • आई आई चुंद्रीगर वाणिज्य मंत्रालय 
  • जॉन मेथाई उद्योग एवं नागरिक आपूर्ति मंत्रालय
  • जोगेंद्र नाथ विधि मंत्रालय 

उद्देश्य प्रस्ताव Objective proposal

  • 13 दिसम्बर 1946 को नेहरू ने भारत का उद्देश्य प्रस्ताव पेश किया। इसमें भारत के संविधान की रूपरेखा प्रस्तुत की गई।
  • नेहरू के उद्देश्य प्रस्ताव को 22 जनवरी 1947 को स्वीकार कर लिया गया। उद्देश्य प्रस्ताव में कहा गया –
  • भारत एक स्वतंत्र संप्रभु गणराज्य होगा और अपने संविधान का निर्माण स्वमं करेगा। किसी बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 
  • भारत एक संघ होगा। जिसमें ब्रिटिश भारत और देशी रजवाडें शामिल होंगे और वह क्षेत्र जो भारत में शामिल होना चाहते हैं।
  • भारतीय क्षेत्रों और अन्य बाहरी क्षेत्रों की सीमा का निर्धारण संसद अर्थात् संविधान सभा करेगी। संविधान की शक्ति का स्त्रोत जनता होगी।
  • सरकार की स्थापना और उसकी नीतियों में जनता की पूर्ण भागीदारी होगी अर्थात् लोकतंत्र में जनता सर्वोच्च होगी। 
  • सभी वर्ग के लोगों को आर्थिक न्याय, राजनीतिक न्याय, अवसर की समानता विधि के समक्ष समानता, संगठन बनाने का अधिकार आदि स्वतंत्रता प्रदान की जाएगी
  • अल्पसंख्यको, पिछड़े वर्गों और अनुसूचित जनजाति की रक्षा के लिए कानूनी प्रावधान बनाए जाएंगे।
  • अवशिष्ट शक्तियां इकाइयों में निहित होगी।

सभा के मुख्य कार्य Main function of the assembly

  • सभा ने 22 जुलाई 1947 को राष्ट्रीय ध्वज को अपनाया। 
  • सभा ने मई 1949 को राष्ट्रमंडल में भारत की सदस्यता पर चर्चा की। 
  • सभा ने 24 जनवरी 1950 को राष्ट्रीय ज्ञान को अपनाया
  • 24 जनवरी 1950 को राष्ट्रीय गीत को अपनाया
  • 24 जनवरी 1950 को डॉ राजेंद्र प्रसाद भारत के पहले राष्ट्रपति बने। 

संविधान सभा की मुख्य समितियां Main Committees of Constituent Assembly

  • संघ शक्ति समिति के अध्यक्ष जवाहर लाल नेहरू
  • प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ भीमराव अंबेडकर
  • संचालन समिति के अध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रसाद
  • संघीय संविधान समिति के अध्यक्ष जवाहर लाल नेहरू
  • प्रांतीय संविधान समिति के अध्यक्ष सरदार पटेल
  • कार्य संचालन समिति के अध्यक्ष डॉ केएम मुंशी
  • झंडा समिति के अध्यक्ष जेबी कृपलानी
  • मौलिक अधिकार और अल्पसंख्यक समिति के अध्यक्ष सरदार पटेल
  • सर्वोच्च न्यायालय समिति के अध्यक्ष एस वारदा चारियार
  • कच्चा प्रारूप समिति के अध्यक्ष बीएन राव 

प्रारूप समिति Drafting committee

  • प्रारूप समिति संविधान सभा की समितियों में सबसे प्रमुख समिति थी। इसका गठन 29 अगस्त 1947 को किया गया।
  • संविधान सभा ने प्रारूप समिति को संविधान का मसौदा तैयार करने जिम्मेदारी सौंपी। इसके अध्यक्ष कानूनविद डॉ भीमराव अम्बेडकर थे।
  • डॉ भीमराव अम्बेडकर सहित इसके कुल 7 सदस्य थे – डॉ भीमराव अम्बेडकर अध्यक्ष, बीएन गोपाल स्वामी अयंगर, अल्लादी कृष्णस्वामी अय्यर, सैय्यद मोहमद सादुल्ला, डॉ के एम मुंशी, माधव राव जिन्होंने बीएल मित्र की जगह ली, टीटी कृष्णमाचारी जिन्होंने डीपी खेतान की जगह ली।

भारतीय संविधान सभा का निर्माण Indian Constituent Assembly

संविधान सभा के मुख्य तथ्य Main facts of the Constituent Assembly

  • संविधान सभा एम एन राय के दिमाग की उपज थी। यह भारत में वामपंथी विचारधारा के प्रवर्तक थे। 
  • संविधान सभा की बैठक 9 दिसम्बर 1946 को आयोजित की गई। फ्रांस की तर्ज पर डॉ सच्चिदानन्द सिन्हा को इसका प्रथम अध्यक्ष नियुक्त किया गया। 
  • 11 दिसम्बर 1946 को डॉ राजेंद्र प्रसाद संविधान सभा के स्थाई अध्यक्ष नियुक्त किए। डॉ एच सी मुखर्जी और वीटी कृष्णामचारी सभा के अध्यक्ष नियुक्त हुए
  • 1946 के संविधान सभा के चुनाव में महात्मा गांधी ने भाग नहीं लिया।
  • संविधान सभा में महिला सदस्य की संख्या 9 तथा अनुसूचित जनजाति की संख्या 23 थी। 
  • भारत के संविधान के निर्माण में 2 साल 11 माह 18 का समय लगा। इस दौरान संविधान के निर्माण में 64 लाख रुपए खर्चा आया।
  • 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा की अंतिम बैठक हुई।
  • 26 जनवरी 1950 से 1952 तक संविधान सभा ने अंतरिम संसद के रूप में कार्य किया। 
  • भारत के संविधान का प्रथम प्रारूप फ़रवरी 1948 में प्रकाशित किया गया।
  • अम्बेडकर ने संविधान का अंतिम प्रारूप 4 नवम्बर 1948 को पेश किया। यह पहला मौका था जब संविधान पहली बार पढ़ा गया। 
  • संविधान सभा में इस पर 9 नवम्बर 1948 तक चर्चा हुई
  • संविधान पर अंतिम चर्चा 14 नवम्बर 1949 से 26 नवम्बर 1949 तक हुई। 
  • 26 नवम्बर 1949 को संविधान के प्रारूप पर सभा में उपस्थित 284 सदस्य ने हस्ताक्षर किए। इसी दिन भारत का संविधान लागू हुआ।
  • संविधान के प्रारूप पर 114 दिनों तक चर्चा हुई और 141 बैठके हुई। 
  • 26 नवम्बर 1949 को लागू हुए संविधान में 395 अनुच्छेद 8 अनुसूचियों थी।
  • शेष संविधान का भाग 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। इस दिन को भारत में गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। गणतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद चुने गए।
  • 17 अप्रैल 1952 को अंतरिम संसद का अस्तित्व समाप्त हो गया। क्योंकि भारत के आम चुनाव के बाद मई 1952 में संसद के दोनों सदनों में नई सरकार की स्थापना हुई। 
  • बीएन राव को संविधान सभा का कानूनी सलाहकार नियुक्त किया गया।
  • संविधान सभा ने हाथी को प्रतीक के रूप में अपनाया
  • डॉ भीमराव अम्बेडकर जी की देख रेख में ही संविधान का प्रारूप तैयार हुआ। इसलिए उन्हें भारतीय संविधान का पिता तथा आधुनिक म की संज्ञा दी गई।

Indian Constituent Assembly

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